Cerebral palsy in hindi [ सेरिब्रल पाल्सी]

सेरिब्रल पाल्सी बीमारियों का एक समूह होता है जिसमे मरीज की मूवमेंट, मांसपेशियों और पोस्चर पर असर पड़ता है।

मस्तिष्क में लगी चोट के कारण सेरिब्रल पाल्सी होता है। ये चोट सामान्यतः जन्म के समय लगती है।

सेरिब्रल पाल्सी के लक्षण 2 से 5 साल की उम्र में दिखाई देने लगते है जिसमे मूवमेंट का अच्छे से ना हो पाना, मांसपेशियों में कड़कपन, बैलेंस ना बन पाना, बोलने में परेशानी आना, शारिरिक विकास अचे से ना हो पाना शामिल है।

कभी कभी ये लक्षण अकेले होते है या इन सभी लक्षणो का समूह होता है।

सेरिब्रल पाल्सी के मरीजो में आंखों की मांसपेशियों में कड़कपन के कारण आंखों के समन्वय में समस्या आती है

जोड़ो पर पूरी तरह से मूवमेंट नहीं हो पाती है

SYMPTOMS OF CEREBRAL PALSY IN HINDI (सेरिब्रल पाल्सी के लक्षण)

  • मांसपेशियों में अत्यधिक कड़कपन
  • चलते समय balance ना बन पाना
  • लगातार हाथ या पेरो को चलाते रहना जिसे इन्वोलुण्टेरी मूवमेंट कहते है
  • movement की गति का धीमे होना
  • उम्र के अनुसार शारिरिक और मानसिक विकास ना होना
  • शरीर के किसी एक साइड को ही ज़्यादा इस्तेमाल करना
  • चलने में परेशानी होना
  • चलते समय पंजो के बल चलना
  • लागातार लार का अधिक मात्रा में निकलना
  • निगलने में तकलीफ होना
  • शब्दों को अच्छे से बोल न पाना
  • चीजो को सीखने और समझने में परेशानी होना
  • balance ना बन पाना

CAUSE OF CEREBRAL PALSY IN HINDI (सेरिब्रल पाल्सी के कारण)

मस्तिष्क के विकास में परेशानी होने पर मुखयत सेरिब्रल पाल्सी होती है जिसके कारण इस प्रकार है:

GENE MUTATION( जीन म्यूटेशन)

Cell में पाए जाने वाले D N A में बदलाव होने पर मस्तिष्क का विकास नही हो पाता है

माता में इंफेक्शन

गर्भवती महिला में यदि कोई संक्रमण या infection होता है तो बच्चे के मस्तिष्क पर असर पड़ता है।

भ्रूण के मस्तिष्क में चोट के कारण रक्त न पोहोचना

भ्रुण के मस्तिष्क के आस पास संक्रमण होने

भ्रूण के मस्तिष्क में ऑक्सिजन की कमी होना

ये सभी समान्य कारण हो सकते है जिनके कारण सेरिब्रल पाल्सी होती है

इसके अलावा कुछ spesific कारण नीचे लिखे है

  1. गर्भवती महिला में निम्नलिखित संक्रमण हो सकते है
  • cytomegalo वायरस
  • rubella संक्रमण
  • हर्पीस संक्रमण
  • सिफ़िलिससंक्रमण
  • ज़ीका वायरस संक्रमण

2. नवजात बच्चे में होने वाली समस्या

  • जन्म के बाद मस्तिष्क के आस पास संक्रामण होना
  • मस्तिष्क में सूजन आना
  • जन्म के बाद अनियंत्रित पीलिया हो जाना
  • मस्तिष्क में किसी कारण से ब्लीडिंग हो जाना

3. कुछ अन्य कारण

  • जन्म के समय भ्रूण का सर ऊपर और पैर नीचे की तरफ होना
  • जन्म के समय नवजात का वज़न 2.5 kg से कम होना
  • जन्म के समय नवजात को अच्छे से oxygen ना मिल पाना
  • एक साथ 2 या 3 बच्चो का जन्म होने पर
  • 7 या 8 महीने में ही बच्चे का जन्म हो जाना

COMPLICATIONS OF CEREBRAL PLASY IN HINDI ( सेरिब्रल पाल्सी के कंप्लीकेशन्स)

  • सेरिब्रल पाल्सी के कारण मरीज के शरीर का पूरी तरह से विकास नही हो पाता है
  • शरीर में कई जगहो पर contrecture बन जाते है
  • शरीर मे जल्दी बुढ़ापे के लक्षण दिखाई देने लगते है
  • खाने और निगलने में आने वाली समस्याओं के कारण पोषण की कमी शरीर मे रहती है
  • जोड़ो में उम्र के पहले osteoarthritis develop होने लगता है

PREVANTION OF CEREBRAL PALSY IN HINDI ( सेरिब्रल पाल्सी की रोगथाम)

  • गर्भवती महिला को सभी आवश्यक टीके लगें हो
  • गर्भवती महिला साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे
  • समय पर भ्रूण का अल्ट्रासाउंड के द्वारा चेकिंग होरी रहे
  • नवजात शिशु का विशेष धयान रखा जाए
  • गर्भवती महिला के द्वारा शराब और तंबाकू का सेवन ना किआ जाए

INVASTIGATION FOR CEREBRAL PALSY IN HINDI ( सेरिब्रल पाल्सी की जांच)

  • M R I : ब्रेन की mri के माध्यम से बीमारी की जांच की जारी है
  • E E G: EEG के माध्यम से ब्रेन की सक्रियता की जांच की जाती है
  • EYE एग्जामिनेशन : आँखों की जांच
  • स्पीच की जांच
  • मांसपेशियों की जांच

TREATMENTOF CEREBRAL PALSY IN HINDI ( सेरिब्रल पाल्सी का इलाज)

सेरेब्रल पाल्सी के मरीजों को लंबे समय तक इलाज की आवश्यकता पड़ती है जिसमे। शिशु रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, मनोरोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपी चिकित्सक आदि डॉक्टरों की साख लेनी पैड सकती है

दवाइयां:

सेरिब्रल पाल्सी के इलाज में कई प्रकार की दवाओ की आवश्यकता लगती है जिससे धीरे धीरे मांसपेशिया नरम पड़ने लगती है और आराम मिलता है

मसल नर्व इंजेक्शन:

कुछ मांसपेशियों में अधिक अकड़न होने पर उनमे बोटॉक्स नामक इंजेक्शन का उपयोग किआ जाता है जिससे मांसपेशियो में नारम्पन आता है

ओरल मसल relaxant

कुछ दवाइयां जैसे डाइज़ीपाम, beclofen, dentrilin, tinazidine की दवाईओ से मसल धीरे धीरे नरं गीति जाती है

फिजियोथेरेपी:

सेरिब्रल पाल्सी में लंबे समय तक फिजियोथेरेपी का ट्रीटमेंट लेने से काफी आराम पड़ता है

फिजियोथेरेपी में कई प्रकार की कसरत के माद्यम से इलाज किआ जाता है जो कि इस प्रकार है:

  • PNF एक्सरसाइज
  • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज
  • STRENGTHNING एक्सरसाइज
  • मयोफेसियाल रिलीस एक्सरसाइज
  • इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ्ट टिश्यू रिलीज़
  • बैलेंस एक्सरसाइज
  • CO ORDINATION एक्सरसाइज
  • प्ले एक्सरसाइज
  • GROUP एक्सरसाइस

ऑक्यूपेशनल थेरेपी:

इस थेरापी के माध्यम से आपका बच्चा स्वतन्त्र रूप से कई सारे कार्य करना सीखता है।। जिससे उसे घर , स्कूल , बाहर एक्टिविटी करने में सहायता मिलती है।

ऑर्थोटिक ट्रीटमेंट:

इस प्रकार के इलाज में बच्चे को कई प्रकार के सुपपोर्टिव डिवाइस दिए जाते है जिससे बच्चा आसानी से चल पाए जैसे:

कैन

Calliper

फुट स्पलिंट

विशेष प्रकार के जूते

स्पीच थेरापी:

यह एक विशेष प्रकार की थेरापी होती है जिसमे बच्चे को विशेष तरीको से अच्छे से बोलने का अभ्यास कराया जाता है

साथ ही स्पीच थेरेपी से निगलने में होने वाली समस्या का भी इलाज किआ जाता है।

सर्जिकल प्रोसीजर:

जिन बच्चों में ज़्यादा मसल contracture होता है उन्हें सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है

इस प्रकार की सर्जरी में टेंडन को काट कर लंबा किआ जाता है जिससे contracture ठीक होता है

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